Dard shayari -- दो कदम चल कर अक्सर बैठ जाता हूं इतना टूटा हूं कि थक कर बैठ जाता हूं ||

दो कदम चल कर अक्सर बैठ जाता हूं
इतना टूटा हूं कि थक कर बैठ जाता हूं ||

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